Tuesday, January 10, 2023

जीवन का रहस्य

 .          सहज को खोजना। परमात्मा सहज में छिपा है। वह बिलकुल सहज है।पौधों, पक्षियों, पशुओं, चांद-तारों, पहाड़ों, झरनों जैसा सहज है।अगर तुम किसी सहज व्यक्ति को कहीं पा जाओ,तो उसका सत्संग मत छोड़ना। आभामंडल देखने की चिंता मत करना। न ही चमत्कारों की आकांक्षा करना।


       चरनदास गुरु की दया

       गयो सकल संदेह

       छूटे वाद-विवाद सब

       भयी सहज गति तेह


      और सहज में गति हो गयी। तुम सहज हो जाओ, तुम सुंदर हो जाओगे।तुम सहज हो जाओ, तुम सत्य हो जाओ।सहज शब्द को तुम परमात्मा का पर्यायवाची समझो तुम्हारी असहजता कट जाए, सब रोग कटा, सब जाल कटे, संसार कटा।जिस दिन तुम सहज होओ उस दिन तुम्हारे जीवन में वो अमृत की वर्षा हो जाएगी: 

 

       बिन घन परत फुहार

       मगन भयो मनवा तहां

       दया निहार-निहार


       बस तुम सहज हो जाओ, फिर देर नहीं है।इधर तुम सहज हुए,उधर बिन…